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Original Energized Kamakhya Sindoor Guarenteed Natural Kamiya / Kamya Sindur / Sindhoor 100g
Shri Sudarshan Shaligram
NATURAL GANDAKI SUDARSHAN SHALIGRAM श्री सुदर्शन चक्र शालिग्राम उचित दक्षिणा पर दान हेतु उपलब्ध है
- Shaaligraama is a form of Lord Vishnu.
- It is essential to keep it on the auspicious occasions of Poojas and Yajnas, etc.
- This idol of Lord Vishnu is very rare and is found only in the river Gandaki in India.
- It enhances the prosperity of a man and makes him inclined towards religious acts and performances if he establishes it in his house.
- He, who worships this idol daily, gets rid of sins committed in his previous birth.
- Shaligram purifies a person and gives success in all walks of life.
- The benefits that one get by reading all the Vedas and doing penace (tapasya) is obtained by a person who worships Shaligram.
- The one who does Abhishek of Shaligram with water gets lots of benefits and happiness.
- It is said that if a dying person is given the water of Shaligram then he is purified from all the sins committed by him and goes to Vishnu Lok and get Nirvan.
| Stone Size: | 100-200 GRAM |
| Stone: | NATURAL SUDARSHAN SHALIGRAM |
| Colour: | NATURAL BLACK |
| Bead: | 01 |
| Shape | ROUND/OVAL |
| Delivery: | Within 3 – 4 Business Days |
| Free Shipping: | All over India |
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100% ओरिजनल अत्यंत दुर्लभ मणि मच्छमणि (मकरध्वज) शुद्ध चाँदी ब्रेसलेट्स, Machh Mani Sea Stone Pure Silver Bracelets | Reduces and Removes Rahu Impact
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Specification :-
Delivery Details
| Stone Size: | 8-10 Carat |
| Product: | Natural Machh Mani |
| Colour: | White |
| Origin : | India |
| Metal : | Pure Silver (Approx 40 Gram) |
| Delivery: | Within 3 - 4 Business Days |
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Extremely Rare Energized Dhan Aakarshan items Maha Laxmi Kubera Diwali Puja Kit धन आकर्षण हेतु अति दुर्लभ लक्ष्मी कुबेर पूजन सामग्री (Tantra Astro)
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Bring Extremely RARE 41 Energized Dhan Aakarshan items, Maha Laxmi Kubera Puja Kit to your home on VERY LOW PRICE & get the blessings of Maa Lakshmi & Lord Kuber.
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Specification :-| Product Name: | Laxmi Kuber Puja Kit |
| Product | 30 Rare Product |
| Colour: | Mix |
| Quality: | AAA |
| Shape | Mix |
| Delivery: | Within 3 – 4 Business Days |
| Free Shipping: | All over India |
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5 Sheets Bhojpatra with Asthgandh Ink and Pomegranate Pen for Yantra Writing Kit
Bhojpatra is the bark of Burja Tree, which is native to Himalya's, Growing up to elevation up to 15000 Ft. This paper is highly used for rituals from ancient times for Wrting sacred scriptures with Pomegranate Pen and asthgandh ink.
Sharpunkha ki Jad
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Sharpunkha ki Jad (शरपुंखा जड़) Sharpunkha Root
- ज्योतिष के मुताबिक, शुक्र ग्रह को आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम, वैभव, सौंदर्य, कला, संगीत, कामवासना का कारक माना जाता हैं।
- शुक्र ग्रह को तुला और वृषभ राशि का स्वामी माना जाता है। कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति के हिसाब से व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है। शुक्र ग्रह मज़बूत होने से व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व का होता है और उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति कम उम्र में ही हो जाती है।
- वहीं, शुक्र ग्रह कमज़ोर होने से व्यक्ति को शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
- शुक्र के लिए सरपोंखे की जड़ धारण करनी चाहिए इसे पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में ले आएं एवं चांदी के लॉकेट या सफेद कपड़े में या चांदी की चेन में शुक्रवार को धारण करें जिससे आपकी शुक्र जनित समस्त दोष, पीड़ा एवं समस्याएं दूर होंगी।
- अंग्रेज़ी में इसे पर्पल टेफ्रोसिया, वाईल्ड इण्डिगो या फिश पॉयजन ट्री के नाम से जाना जाता है। इसके अन्य स्थानीय नाम है – आहुहु, बज़्रदंती, शरपुंखा, प्लीहशत्रु, कण्ठपुंखिका, श्वेतपुंखा, कंठालु, कालिका, वाणपुंखा, सरफोंका, तथा बननील। शरपंखा का पौधा नील (Indigo) के पौधे से मिलता-जुलता है।
- धारण विधि – शुक्रवार के दिन शरपुंखा जड़ को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम शुक्र मंत्र (“ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को सफ़ेद कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।
Natural Energized Chandra Mani (चन्द्र / चंद्रकांत मणि)
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Natural Energized Very Rare Chandra / Chandra Kant Mani Pendant Lab Certified (दुर्लभ चन्द्र / चंद्रकांत मणि)
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It is said to give mental peace and stability, controls anger and excitement, provides emotional harmony and well being, improves concentration and martial relations.
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It is a harmless stone and is used by ancient Hindus as a representative of Chandra (Moon).
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Natural Chandra Mani (Moonstone) has an immense power to control emotions.
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Chandra Mani is a semiprecious gem made of sodium potassium aluminum silicate.
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Natural Chandra Mani is a “stone of new beginnings”.
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Natural Chandra Mani (Moonstone) has an immense power to control emotions.
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Chandra Mani is a semiprecious gem made of sodium potassium aluminum silicate.Natural Chandra Mani is a “stone of new beginnings”.
Beautifully Handcrafted Supari Ganesh | Betel Nut Lord Ganesha | Ganesh Ji Idol - Supari Ganesh गणेश सुपारी
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Any Query WHATSAPP Or CALL NOW +91-878-954-3614 Specification :-| Material: | Wood |
| Primary material : | Betel Nut |
| Colour: | Multicolour |
| Origin: | India |
| Shape: | Oval |
| Delivery: | Within 3 - 4 Business Days |
| Free Shipping: | All over India |
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Energized Haldi Haridra Ganesha हल्दी गणेश Turmeric Ganesha Figurine for Pooja Rituals/Home Decor
हल्दी से बने गणेशजी का नियमित रूप से पूजन करने से घर में सुख -समृद्धि में वर्द्धि होती है और व्यापार/व्यवसाय में दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की करता है |
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Any Query WHATSAPP Or CALL NOW +91-878-954-3614 Specification :-| Material: | Turmeric |
| Weight : | 12-18 Grams (Approx) |
| Colour: | Orange |
| Origin: | India |
| Material | Wood |
| Delivery: | Within 3 - 4 Business Days |
| Free Shipping: | All over India |
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Vashikaran Jadi
Mohini Vashikaran Jadi – The Mystical Power of Love & Attraction
Key Benefits:
- Attract or influence your lover or partner
- Restore love and harmony in marital life
- Remove obstacles in love marriage or relationship
- Enhance charm, personal aura, and communication
- Boost luck, confidence, and positive energy
- Protection from negative energies and evil eye
Aprajita Jad
Sammi ki Jad
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Sammi Jad (शम्मी जड़) Sammi Root (शनि ग्रह) Saturn Planet
- ज्योतिष के अनुसार, जो लोग नीलम रत्न धारण नहीं कर सकते वो लोग शमी की जड़ हाथ में बांध सकते हैं। जिसका फल भी व्यक्ति को नीलम के बराबर ही प्राप्त होगा और शनि दोष, साढ़ेसाती इत्यादि से जल्द छुटकारा मिल जाता हैं। शमी को गणेश जी का प्रिय पेड़ माना जाता है।
- सामान्य रूप से शनि ग्रह (पाप ग्रह) अच्छा नहीं माना जाता है, परंतु यदि जीवन में इसकी कृपा दृष्टि बरसती है तो व्यक्ति के भाग्य खुल जाते हैं। यह हमारे कर्म का कारक होता है। शनि दोष के कारण व्यक्ति का जीवन कष्टमय गुजरता है। इसलिए इसके बुरे प्रभाव से बचने एवं कृपा दृष्टि पाने के लिए इस दिव्य शम्मी जड़ को धारण करना शुभ माना जाता है।
- आयुर्वेद की दृष्टि से तंत्रिका और गठिया रोग से मुक्ति पाने के लिए भी यह बेहद कारगर हैं।
- शमी की जड़ को हाथ में बांधने से शनि दोष और साढ़ेसाती से जल्द छुटकारा मिलता है।
- शमी की जड़ को तकिये के नीचे रखने से बुरी शक्तियां प्रभावित नहीं कर पातीं और मन शांत होता है।
- शमी की जड़ को घर की पश्चिम दिशा में काले कपड़े में लपेटकर रखने से शनिदेव खुश होते हैं और नकारात्मकता दूर होती है।
- धारण विधि – शमी की जड़ को शनिवार के दिन धारण करना चाहिए। शनिवार के दिन शम्मी जड़ को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम शनि मंत्र (“ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को नीले कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।
Vidhara ki Jad
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Vidhara ki Jad विधारा जड़ (बुध ग्रह) Mercury Planet
- विधारा मूल की जड़ का उपयोग बुध के बुरे प्रभाव कम करने के लिए किया जाता है। बुध के बुरे प्रभाव से व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता प्रभावित होती है और उसकी निर्णय लेने की क्षमता कम होती है। विधारा मूल की जड़ को बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े में बांधकर सीधे हाथ कंधे पर बांधा जाता है। इस जड़ को बांधने वालों को भगवती मां दुर्गा की आराधना करना चाहिए। इसके प्रभाव से नर्वस डिस्ऑर्डर, ब्लड प्रेशर, अल्सर और एसिडिटी में आराम मिलता है।
- वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह भाषा, संवाद शक्ति, बुद्धि-विवेक, भाव-भंगिमा का कारक होता है, जबकि घबराहट एवं क्रोध इसके नकारात्मक पक्ष को दर्शाते हैं। अतः विधारा मूल को धारण करने से बुध के सभी नकारात्मक पक्ष शून्य हो जाते हैं, बुध ग्रह संबंधित सभी दुर्योग का समन होता हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती हैं।
- आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार विधारामूल की जड़ अल्सर, एसिडिटी एवं ब्लड प्रेशर जैसे रोगों को दूर करने में भी सहायक होता है।
- धारण विधि – बुधवार के दिन इसे को धारण करें। बुधवार के दिन विधारा मूल की जड़ को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम बुध मंत्र (“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को हरा कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।
Khar ke Jad
खैर जड़ (khar Jad) Khar Root (मंगल ग्रह) Mars Planet
खैर या अनंतमूल की जड़ को मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए धारण किया जाता है। ज्योतिष के मुताबिक, खैर की जड़ में मंगल ग्रह का वास होता है। यह जड़ मंगल के बुरे प्रभाव को कम करती है और इससे जुड़ी परेशानियों को दूर करती है। खैर की जड़ को लाल कपड़े में मंगलवार के दिन धारण किया जाता है। धारण विधि – मंगलवार के दिन खैर की जड़ की सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम मंगल मंत्र (“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर खैर जड़ी को लाल कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।Anantmool ke Jad
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Anantmool ke Jad अनंतमूल की जड़ (Anantmool Root) (मंगल ग्रह) Mars Planet
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अनंतमूल की जड़ी मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव से बचाती है। ज्योतिष में मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, ज़मीन और भाई का कारक होता है। मंगल दोष को दूर करने में अनंतमूल की जड़ी बेहद कारगर है। इसके अलावा यह जड़ी शारीरिक रोगों को दूर करती है।
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अनंतमूल की जड़ में मंगल ग्रह का वास होता है. इसे पहनने से मंगल के बुरे प्रभाव कम होते हैं। अनंतमूल की जड़ पहनने से साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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यह जड़ राजनीति, नेतृत्व, प्रशासन, सेना, पुलिस, मेडिकल क्षेत्र, प्रॉपर्टी, ईंटभट्टे का काम करने वाले लोग पहन सकते हैं।
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जिन लोगों को अज्ञात भय रहता है, वे भी इसे पहन सकते हैं।
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अनंतमूल की जड़ को लाल रंग के कपड़े में बांधकर सीधे हाथ में बांधा जाता है।
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इसे पहनने का सबसे अच्छा दिन मंगलवार है।
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अनंतमूल की जड़ त्वचा, लिवर, पाइल्स और कब्ज की समस्या दूर करती है।
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अनंतमूल का उपयोग त्वचा रोगों के इलाज के लिए भी किया जाता है।
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अनंतमूल में घाव भरने और कुष्ठ-रोधी गुण हो सकते हैं।
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अनंतमूल में रक्तधातु के प्रति आकर्षण होने के कारण यह त्वचा पर मुँहासे और सूजन को दूर कर सकता है।
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धारण विधि – मंगलवार के दिन सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम मंगल मंत्र (“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को लाल कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।
Bilwa Bel ke Jad
- Bel Bilwa Jad, बेल बिल्व जड़ (सूर्य ग्रह) Sun Planet (Bel Bilwa Root)
- ज्योतिष में सूर्य ग्रह को आत्मा का कारक माना जाता है। इस दिव्य जड़ी को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सूर्य के नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ते हैं और उनको इससे सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इसके अलावा यह हृदय रोग, रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारी, अपच, थकावट से भी मुक्ति दिलाने में सहायक है
- ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, बेल की जड़ से जुड़े कई फ़ायदे हैं। बेल की जड़ धारण करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मज़बूत होती है।
- बेल की जड़ धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है।इससे दिव, आंख, पित्त से जुड़े रोगों से मुक्ति मिलती है।
- नौकरी-पेशा लोगों को पदोन्नति और इंक्रीमेंट मिलता है।
- राजनीति में सफलता पाने के लिए बेल की जड़ धारण करना फ़ायदेमंद होता है।
- बेल की जड़ धारण करने से धन कमाने के अवसर मिलते हैं एवं कर्ज़ से छुटकारा मिलता है।
- बेल की जड़ को लाल कपड़े में बांधकर दाहिनी भुजा में सूर्य मंत्र के जाप के साथ पहनना चाहिए।
- वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, मेष, सिंह, और धनु लग्न एवं अन्य लग्न राशि के लोग बेल की जड़ धारण कर सकते हैं।
- धारण विधि – इस जड़ी को रविवार के दिन धारण करें। रविवार के दिन सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम सूर्य मंत्र (“ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को पीले रंग के कपड़े में लपेटकर अपनी बाजु में कसकर बाँध लें।
Navgraha Jadi Kavach (नवग्रह जड़ी कवच)
“दिव्य तंत्र एस्ट्रो सिद्ध नवग्रह जड़ी यंत्र कवच”
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जिन्हें नवग्रहों के अनेक अशुभ एवं अनिष्ट दोष, अशुभ दशा/महादशा, ग्रह पीड़ा, कमजोर ग्रह, मारक प्रभाव जैसा अनेक कारण परेशानी एवं समस्याओं का सामना कर रहे है। नवग्रहों की अनुकूलता, शुभता, नवग्रह संबंधित सभी प्रकार के अनिष्ट एवं अशुभ दोषों के समन / शांति एवं सम्पूर्ण शुभ फल प्राप्ति हेतु शास्त्र वर्णित सर्वश्रेष्ठ प्रमाणित कवच।
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इस दिव्य कवच में शास्त्र वर्णित दिव्य औषध नवग्रह वृक्षराज की जड़ को शास्त्र निर्देशित विधि से निमंत्रण एवं निवेदन विधि उपरांत विशेष शुभ नक्षत्र, वार एवं दिवस पर लाया जाता —
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जैसे, सूर्य ग्रह के लिए – मदार / बिल्वपत्र की जड़, चंद्र – पलास / खिरनी की जड़, मंगल – अनंतमूल / खैर की जड़ / बरगद जड़, बुद्ध – अपामार्ग / विधायरा की जड़, गुरु – भारंगी / केला की जड़, शुक्र – अरंड मूल / सरपोंखा / गूलर की जड़ / , शनि – बिच्छू / शम्मी की जड़, राहु – नागरमोथा की जड़ / सफ़ेद चंदन / दूर्वा दूब की जड़, एवं केतु – अश्वगंधा / कुश की जड़ को लिया गया हैं।
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इस दिव्य कवच में शुद्ध प्राकृतिक भोजपत्र पर हस्त निर्मित, शुद्ध अष्टगंध से शास्त्र निर्देशित विधि विधान से विशेष शुभ नक्षत्र एवं दिवस पर नवग्रह यंत्र का निर्माण किया जाता हैं।
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शास्त्र वर्णित पूर्ण विधि विधान के साथ सभी दिव्य नवग्रह औषध जड़ियों एवं नवग्रह यंत्र को शुद्ध ताम्र की ताबीज़ के साथ “तंत्र एस्ट्रो” के विद्वान् वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा आपके नाम और गोत्र से शुद्धिकरण की क्रिया, नवग्रह मंत्र द्वारा अभिमंत्रित, जागृत एवं प्राण प्रतिष्ठित किया जाता हैं ताकि इस कवच का संपूर्ण लाभ आपको मिले।
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इस कवच को 9 ग्रह/12 राशि एवं 27 नक्षत्र को ध्यान में रख कर निर्माण किया गया हैं। इसे कोई भी व्यक्ति, सभी राशि एवं लग्न के जातक/जातिका धारण कर सकते हैं। इस दिव्य कवच का किसी भी प्रकार का कोई भी दुष्परिणाम नहीं है।
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इस दिव्य कवच को मात्र लागत दक्षिणा पर आप सभी के लिए उपलब्ध कराया गया हैं ताकि अधिक से अधिक सभी वर्ग के लोगों को इस दिव्य कवच का संपूर्ण लाभ मिल सके
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आज ही इस “दिव्य तंत्र एस्ट्रो सिद्ध नवग्रह जड़ी यंत्र कवच” ऑर्डर करे एवं इस दिव्य कवच की चमत्कारी दिव्यता को प्रत्यक्ष अनुभूत कर जीवन को सुखी बनाए।
नोट – ऑर्डर के समय अपना नाम या गोत्र Order Note में लिखे या WhatsApp करे।
Divya Shree Laxmi Kuber Potli
Tantra Astro Divya Laxmi Kuber Dhan Aakarshan Potli, Energized & Most Powerfull Very Rare 21 Money Attract Product
Original Natural Kali Haldi Black Turmeric 500g
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Any Query WHATSAPP Or CALL NOW 8789543614 Specification :-| Stone Size: | 6 MM |
| Stone: | Gomti Chakra |
| Colour: | Mix |
| Diameter : | 2.5 Inch |
| Shape: | Round |
| Delivery: | Within 3 - 4 Business Days |
| Free Shipping: | All over India |
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| Free Energization: | This Remedy is Free Energized by Tantra Astro Priest |
Man Mohini Jadi
Siddha Man Mohini Vashikaran Jadi – Rare, Energized & Powerful Attraction Herb
Benefits of Siddha Mohini Jadi:
- Attract and influence a specific person’s mind
- Rekindle lost love or emotional detachment
- Strengthen romantic and marital bonds
- Control emotions and create deep mental attraction
- Helpful in love-related challenges & conflicts
Mangal Kanta Dentalium Aprinum
Mangal Kanta (Dentalium Aprinum) – A Rare Tantric Protection Shell for Mars Dosha & Energy Shielding
Benefits of Mangal Kanta:
- Removes Mangal Dosha (Manglik Dosh) from horoscope
- Resolves marriage delays and compatibility issues
- Reduces anger, blood-related problems, and stress
- Protects against evil eye and black magic
- Used in powerful tantric rituals and yantra energizing
Green Mangal Kanta
Rare Siddha Green Mangal Kanta (Green Dentalium Aprinum) – Supreme Tantric Protection for Mars & Life Success
Benefits:
- Removes severe Mangal Dosha (Manglik)
- Clears marriage delays, aggression, marital issues
- Protects from black magic, evil eye, and negative energy
- Increases wealth, luck, and business success when kept in the locker
- Helps in Tantra rituals, Mars and Rahu-Ketu remedies
Swetarka Ganesha
Swetarka Ganesha – Rare Divine Form of Lord Ganesha Rooted in Nature
Benefits & Significance:
- Removes Vastu Dosh: Corrects negative energies and architectural imbalances
- Brings Prosperity: Enhances wealth, luck, and business success
- Destroys Negativity: Protects from evil eye, enemies, and bad energies
- Used in Tantric Sadhanas: Highly effective in spiritual rituals
- Radiates Peace & Divine Energy in the Home
Kuber Mani
Very Rare Energized Kuber Mani: The Mysterious Gem from the Depths of the Ocean (अति दुर्लभ अभिमंत्रित कुबेर मणि) - Tantra Astro
- Kuber Mani is an extremely rare and legendary gem mentioned in Hindu scriptures and folklore. It is considered a symbol of Lord Kuber, the God of Wealth, and is believed to be hidden in the depths of the ocean. Its rarity and mystical powers make it a subject of spiritual, cultural, and scientific curiosity.
- Kuber is the god of wealth, and Kuber Mani help attract financial abundance and prosperity. It is often worn by individuals seeking to improve their financial situation.
- Kuber Mani is mentioned in Hindu Puranas, Ramayana, and Mahabharata. It is believed to have emerged during the Samudra Manthan (churning of the ocean) and was part of the treasures of Lanka. Blessed by Lord Kuber, this gem symbolizes wealth, prosperity, and protection.
- In ancient times, Kuber Mani was a prized possession of kings and emperors, symbolizing power and prosperity. It finds mention in Hindu art, literature, and folk songs as a "mystery of infinite wealth." Sailors and fishermen used it as a talisman for protection during sea voyages.
- The scarcity and unique qualities of a rare Kuber Mani are thought to bring extraordinary luck and good fortune, creating opportunities for business and career advancements.
- A rare Kuber Mani is said to provide superior protection from financial setbacks, bad luck, and negative energies. attract unexpected gains, lottery wins, and fortunate events.
- Its protective aura is thought to shield the wearer from harmful influences that could hinder prosperity and success.
- By worshipping it in his shop, place of worship, factory or home, one remains full of wealth. Kuber money is the gate of treasurers.
Bargad ki Jad
- बरगद जड़ Bargad Jad, Bargad Root (Mars Planet) मंगल ग्रह
- ज्योतिष के मुताबिक, बरगद के पेड़ पर मंगल का आधिपत्य होता है। इसलिए, मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए बरगद की जड़ धारण की जाती है.
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरगद के पेड़ में जगत के पालनहार विष्णु, भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा का वास होता है। इसलिए इस पेड़ की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को सौभाग्य, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है
- बरगद के पेड़ या पेड़ की जड़ का ज्योतिष, आयुर्वेदिक के साथ साथ तंत्र में भी अत्ययधिक महत्व हैं। इसकी जड़ ग्रहों की शांति करने के लिए उपयोगी है, इसकी जड़ चमत्कारिक रूप से लाभ देती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बरगद के वृक्ष पर मंगल का आधिपत्य होता है। इसलिए मंगल ग्रह की शांति के लिए बरगद की जड़ धारण करने का विधान है।
- बरगद की जड़ धारण करने से कुंडली का अंगारक दोष शांत होता है।
- भूमि, भवन, संपत्ति से जुड़े कामों में रुकावट आ रही हो, तो बरगद की जड़ धारण की जाती है।
- बरगद की जड़ धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
- बरगद की जड़ धारण करने से मानसिक शांति मिलती है और दिमाग़ केंद्रित होता है।
- बरगद की जड़ धारण करने से जीवन में आने वाली परेशानियों से राहत मिलती है।
- बरगद पेड़ की जड़ कर्ज से मुक्ति दिलवाने का प्रमुख मार्ग है। इसकी जड़ को पहनने से जल्दी कर्ज से मुक्ति मिल जाती है।
- बरगद की जड़ धारण करने से ना केवल मानसिक शांति और विचारों की शुद्धता प्राप्त होती है।
- बरगद की जड़ पहनने से स्त्रियों में रक्त संबंधी अनियमितताएं दूर हो जाती है।
- यदि किसी व्यक्ति का रोग लंबे समय से ठीक नहीं हो रहा है तो उसके तकिया के नीचे बरगद की जड़ रखें, उसके स्वास्थ्य में सुधार होने लगेगा।
- धारण विधि — मंगलवार के दिन सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम मंगल मंत्र (“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को लाल कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।
Bharangi ki Jad
- भारंगी जड़ (Bharangi Jad) Jupiter Planet (गुरु ग्रह) Bharangi Root
- भारंगी की जड़ को धारण करने से गुरु ग्रह का दोष दूर होता है। बृहस्पति ग्रह के नकारात्मक प्रभावों से बचने तथा मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान पाने के लिए यह जड़ी वरदान हैं।
- हिन्दू ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति ग्रह गुरु, ज्ञान एवं सद्गुणों का कारक होता है। इस दिव्य जड़ी को धारण करने से जातक के स्वभाव में मानवीय प्रेम, धार्मिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान की वृद्धि होने लगती है।
- वैवाहिक जीवन में सुख शांति लाने एवं संतान प्राप्ति के लिए भी भारंगी की जड़ को धारण किया जाता है। जिन छात्रों का ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता है, उनके लिए भी यह जड़ विशेष लाभकारी है।
- भारंगी की जड़ को तुसोदक के साथ पीसकर वंक्षण हर्निया के इलाज में दिया जाता है
- भारंगी की जड़ के कई और फ़ायदे हैं जैसे कि मूत्र विकारों में फ़ायदेमंद, नेत्र रोगों में लाभदायक, मुंह संबंधी बीमारियों में फ़ायदेमंद, पसलियों के दर्द में फ़ायदेमंद, राजयक्ष्मा या टीबी के इलाज में फ़ायदेमंद, अतिसार या दस्त को रोकने में फ़ायदेमंद, पित्तज-शोध के इलाज में फ़ायदेमंद, योनि व्यापद के उपचार में फ़ायदेमंद, संधिशोध या गठिया में फ़ायदेमंद।
- बृहस्पति के दुष्प्रभावों को कम करना, यकृत विकार, मोच, चेचक, एलर्जी और जठरांत्र संबंधी विकार आदि रोगों का इलाज में।
- धारण विधि – गुरुवार के दिन जड़ी को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम गुरु मंत्र (“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ को पीले वस्त्र में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा कसकर बाँध लें।
Apamarga ke Jad
- Apamarga ke Jad अपामार्ग की जड़ (Apamarga Root) (बुध ग्रह) Mercury Planet.
- अपामार्ग की जड़ का इस्तेमाल बुध ग्रह के लिए किया जाता है। अपामार्ग को बुध ग्रह का सर्वश्रेष्ठ पौधा माना जाता है।
- अपामार्ग की जड़ का इस्तेमाल बुध ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है।
- आयुर्वेद में सूजन रोधी एजेंट के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
- अपामार्ग की जड़ का चूर्ण घाव पर छिड़कने से त्वचा रोगों में आराम मिलता है।
- अपामार्ग की जड़ से आंखों की रोशनी बढ़ती है और आंखों में होने वाली चुभन, लालिमा, पानी आना, और दर्द से राहत मिलती है।
- अपामार्ग की जड़ से दांतों का दर्द दूर होता है और मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है।
- अपामार्ग की जड़ से बवासीर, अपच, खांसी, अस्थमा, एनीमिया, पीलिया, और सांप के काटने में भी आराम मिलता है।
- अपामार्ग की जड़ का तेल कान के दर्द में इस्तेमाल किया जाता है।
- अपामार्ग की जड़ को पंचोपचार से पोंछकर दाहिनी भुजा पर धारण करने से कार्यों में सफलता मिलती है।
- अपामार्ग की जड़ को नवरात्रि, दिवाली या अन्य शुभ अवसरों पर घर की तिजोरी में रखने से अन्न और आर्थिक समृद्धि आती है।
- आयुर्वेद में लिखा हुआ है कि प्रसव के दौरान यदि इसकी जड़ को प्रसूता की नाभि में बांध दिया जाए तो प्रसव आसानी से हो जाता है।
- धारण विधि – बुधवार के दिन जड़ी को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम बुध मंत्र (“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को हरा कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।



























